चंदौली में आगामी 26 नवंबर को मनाया जायेगा संविधान दिवस

केशरी लॉन में संपन्न होगा कार्यक्रम
लॉर्ड बुद्धा डॉ.अंबेडकर सेवा समिति के बैनर तले बनी रणनीतियां
चंदौली, जनपद के जगदीशसराय नेशनल हाइवे स्थित केशरी लॉन में आगामी 26 नवम्बर 2024 को संविधान दिवस मनाया जायेगा. यह जानकारी लॉर्ड बुद्धा डॉ.अंबेडकर सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद आर्या ने रविवार को आयोजित एक संगोष्ठी में दी. उन्होंने कहा कि समिति के बैनर तले 26 नवम्बर 2014 से अनवरत संविधान दिवस मनाया जा रहा है.
फ़ोटो : संगोष्ठी के दौरान केशरी लॉन में उपस्थित लॉर्ड बुद्धा डॉ. अंबेडकर सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद आर्या व पदाधिकारीगण
श्री आर्या ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 26 नवंबर को संविधान दिवस’ के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के फैसले को अधिसूचित किया था. इस फैसले के बाद से प्रति वर्ष 26 नवंबर को राष्ट्रीय संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है. संविधान लागू होने से दो महीने पहले 26 नवंबर 1949 को संविधान बनाने वाली सभा ने कई दौर की चर्चाओं और संशोधनों के बाद संविधान को स्वीकार किया था. इसी कारण 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है.
एडवोकेट रामजन्म बागी ने कहा कि 26नवम्बर के दिन देश ने संविधान को स्वीकार किया था. जिसके चलते सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को एक फैसला लिया कि 26 नवंबर को देश संविधान दिवस के रूप मनाया जाएगा.
लल्लन कुमार ने कहा कि देश के लोगों को संविधान के बारे में जागरुक करने, संवैधानिक मूल्यों की जानकारी देश के हर नागरिक को हो इसके लिए संविधान दिवस मनाने का फैसला हुआ था.
एडवोकेट सुभाष राम व अरुण कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान कई सिद्धांतों और दृष्टांतों को समेटे है, जिनके आधार पर देश की सरकार और नागरिकों के लिए मौलिक राजनीतिक सिद्धांत, प्रक्रियाएं, अधिकार, दिशा निर्देश, कानून आदि तय किए गए हैं।
एडवोकेट अरविंद कुमार पंकज, विजय कुमार, प्रेमशंकर, जगदीश लाल ने कहा कि संविधान दिवस मनाया जाना डॉ.आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि है.
भारतीय संविधान कितने भाषाओं में उपलब्ध है
भारत सरकार ने संविधान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए इसको कई भाषाओं में उपलब्ध कराया है। संविधान में क्या-क्या शामिल है और इसमें क्या अधिकार दिए गए हैं, इसे अब अलग-अलग भाषाओं में पढ़ा जा सकता है। ये तमिल, पंजाबी, उर्दू, संस्कृत, बंगाली, मैथली, मराठी और कई अन्य भाषाओं में उपलब्ध है।