जवाहर नवोदय विद्यालय बैराठ में उच्चारण, लेखन, समय प्रबंधन, और वॉयस ओवर आर्टिस्ट पर चर्चा

चंदौली। जवाहर नवोदय विद्यालय बैराठ में यंग राइटर्स एडिटोरियल क्लब द्वारा छात्रों में लेखन और वॉयस ओवर आर्टिस्ट के रूप में अपने अनुभवों को साझा किया गया. जिसका उद्देश्य छात्रों को लेखन के क्षेत्र में संभावनाओं, नवाचार के लिए प्रेरित करना और उनके व्यक्तित्व विकास की दिशा में मार्गदर्शन करना था.कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता डॉ. कुमार विमलेन्दु सिंह का स्वागत विद्यालय के प्राचार्य व उप प्राचार्य के द्वारा बुके, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर व विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर किया गया.
विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार मिश्र ने अपने स्वागत भाषण में बच्चों को नवाचार और लेखन में संभावनाओं के बारे में संक्षेप में बताया और उन्हें यह प्रेरणा दी कि अपने विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए लेखन एक मजबूत माध्यम हो सकता है. विद्यालय के उप प्राचार्य श्री शुभेंदु भट्टाचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अभिव्यक्ति और उच्चारण के महत्त्व पर जोर दिया. उन्होंने छात्रों को अपनी छुपी हुई प्रतिभा को पहचानने और उसे उजागर करने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने कहा कि उच्चारण की सही तकनीक और आत्मविश्वास से व्यक्ति अपनी बात को अधिक प्रभावी तरीके से प्रस्तुत कर सकता है. इसके बाद डॉ. कुमार विमलेन्दु ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो उसकी शुरुआत अभी से करनी चाहिए. उन्होंने छात्रों को वॉयस ओवर आर्टिस्ट व विभिन्न नवाचारों में करियर के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
डॉ. कुमार ने छात्रों को वॉयस ओवर आर्टिस्ट के पेशे में आने के लिए आवश्यक बारीकियों के बारे में बताया और उन्हें दिखाया कि कैसे इस क्षेत्र में कार्य करके वे अपनी आवाज़ के माध्यम से बड़ा प्रभाव बना सकते हैं. उन्होंने उच्चारण की बारीकियों, जैसे तालू, मूर्धन्य और दन्तस का सही तरीके से उच्चारण करने के महत्व को स्पष्ट किया. उन्होंने छात्रों को अभ्यास करने की सलाह दी और उन्हें कुछ उदाहरण भी दिए, जिससे बच्चों को इन बारीकियों को समझने में मदद मिली.
तीसरा सत्र जो की दसवीं और बारहवीं के छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य व आगामी परीक्षा में मजबूत इच्छा शक्ति के साथ तैयारी पर केन्द्रित था. सभी छात्रों ने कार्यक्रम में बहुत ही उत्साहपूर्वक सहभागिता की. डॉ. कुमार विमलेन्दु सिंह के साथ उनकी बातचीत और चर्चा में छात्रों ने गहरी रुचि दिखाई. वे न केवल उनके द्वारा दिए गए उदाहरणों को ध्यान से सुन रहे थे, बल्कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर सवाल पूछने में भी सक्रिय थे. उच्चारण, लेखन, समय प्रबंधन, और वॉयस ओवर आर्टिस्ट के करियर पर छात्रों ने खुलकर चर्चा की और डॉ. कुमार से मार्गदर्शन लिया.
इस प्रकार, छात्रों का उत्साह और सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम को और भी सफल और प्रभावी बना रही थी. उनकी जिज्ञासा और उत्साह से यह स्पष्ट था कि वे इस सत्र से गहरी प्रेरणा और ज्ञान प्राप्त कर रहे थे. कार्यक्रम के अंत में उप प्राचार्य श्री शुभेंदु भट्टाचार्य ने मुख्य अतिथि डॉ. कुमार विमलेन्दु सिंह, सभी शिक्षकों और छात्रों का धन्यवाद किया और इस कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम का संचालन श्री चिन्मय मिश्र ने किया।