मोथा तूफान ने किसानों का तोड़ा कमर -पिंटू पाल

मुआवज़ा न मिलने से हालात बद से बदतर, बर्बाद फसलों का लेखपालों ने नहीं किया मुआयना, आंदोलन की दी चेतावनी
चंदौली। धान का कटोरा कहे जाने वाले जनपद के किसानों का जहां मोथा तूफान ने कमर तोड़ कर रख दिया है वहीं किसानों को मुआवज़ा न मिलने से हालात बद से बदतर हो रहे हैं और लेखपाल बर्बाद फसलों का मुआयना नहीं करने गए. इस अन्याय के खिलाफ किसान नेता पिंटू पाल के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को आंदोलन की चेतावनी दी कहा अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो किसान सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के वाराणसी मंडल अध्यक्ष पिंटू पाल ने बताया कि मोथा तूफान भले ही चला गया, लेकिन इसने किसानों की कमर तोड़ दी है। लगभग छह महीने की मेहनत बर्बाद हो गई है। किसान अब किसी तरह बची-खुची फसलों को बचाने में लगे हैं, जबकि कई जगहों पर फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। खेतों से पानी निकालने के लिए अपने निजी साधन का उपयोग किया जा रहा है।
जिले में चक्रवाती तूफान मोंथा ने किसानों की तोड़ी कमर
चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण लगातार बारिश से धान की फसल को नुकसान हुआ है। किसान चिंतित हैं क्योंकि खेतों में पककर तैयार धान गिर गया है। कृषि विभाग ने अभी तक नुकसान का सर्वे नहीं कराया है, जिससे किसानों में आक्रोश है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग की ओर से अगर जल्द सर्वे कराकर किसानों को क्षति का मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान आंदोलन को बाध्य होंगे।
इस दौरान शेषनाथ यादव, अखिलेश यादव गोलू, अखिलेश यादव गुड्डू, रणविजय यादव, दीनानाथ श्रीवास्तव, टनमन सिंह, अंजनी तिवारी, ऋषि पाल, निरंजन पाल, विजयकांत पासवान, मोहन यादव, मुन्ना सिंह, रविन्द्र सिंह, सूरज यादव, गोलू, सहित अन्य किसानो ने विरोध प्रदर्शन किया.किसानों के समर्थन में बसपा जिलाध्यक्ष चंदौली घनश्याम प्रधान व स्वतंत्र देव उपाध्याय भी शामिल थे।