नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में चार आरोपी दोषमुक्त

वाराणसी। एफटीसी (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने चौबेपुर थाना के 13 साल पुराने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में रामपुर, थाना चौबेपुर निवासी चार आरोपी धर्मेंद्र, कान्ता, मालती व राजेन्द्र को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया. अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजीव राय व विनोद शर्मा ने पक्ष रखा.
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी ने 156 (3) के तहत कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था, जिसके बाद थाना चौबेपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई. आरोप था कि 25 नवंबर 2012 को शाम 6 बजे उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री शौच के लिए गयी थी. काफी समय बीत जाने के बाद वह घर नहीं आई. दुसरे दिन वह चौबेपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी.
17 जून 2013 को शाम लगभग 8 बजे चन्द्रावती बाजार से सामान लेकर अपने घर आ रही थी तो देखी की गांव के विपक्षी कान्ता और उसका पुत्र राजेन्द्र आपस में गुपचुप बाते कर रहे थे कि धर्मेंद्र ने उसकी पुत्री को जबरदस्ती उठाकर ले गया है तथा उसके साथ अच्छा नहीं किया है. इसलिये अभी उसे किसी भी तरह गांव में आने से रोकना होगा.
तब वादिनी विपक्षी के घर जाकर पूछी तो उक्त लोगों ने उत्तेजित होकर वादिनी व उसकी पुत्री के प्रति अपमानजनक गालियां देते हुए धमकी देने लगे कि तुम्हारी लड़की को धर्मेंद्र जबरदस्ती भगाकर ले गया है.
वह आ जायेगी ज्यादा बखेड़ा करोगी तो तुम्हारी लड़की की जान चली जायेगी और तुम लोगो को भी जान से खत्म कर देगे. वादिनी ने इस बात की घटना 20 जून 2013 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की पर कोई कार्रवाई नही हुई तो वह थक हार कर न्यायालय की शरण ली।