धानापुर के नगवा गंगा तट पर रात-दिन खनन! 50 ट्रैक्टर और 3 JCB से बालू उठाने का आरोप

नगवा गंगा तट पर भारी मशीनरी और ट्रैक्टरों से खनन के आरोप का वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है। ग्रामीणों ने कटान और राजस्व नुकसान की चिंता जताई है, जबकि पुलिस ने इसे कथा के लिए मिट्टी की व्यवस्था बताया है। अब प्रशासनिक जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

चंदौली। धानापुर थाना क्षेत्र के नगवा स्थित गंगा तट पर पिछले तीन दिनों से बड़े पैमाने पर बालू खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर तीन से चार जेसीबी और करीब 50 ट्रैक्टर लगाए गए हैं। खनन से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। ग्रामीणों ने राजस्व नुकसान के साथ गंगा कटान बढ़ने की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, धानापुर पुलिस का कहना है कि दशमी पोखरा के पास राजन महाराज की कथा के लिए मिट्टी गिराई जा रही है और इसका कोई व्यावसायिक उपयोग नहीं हो रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नगवा गंगा तट पर तीन दिनों से लगातार बालू निकाला जा रहा है। इसके लिए भारी मशीनरी और बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी खनन गतिविधि से संबंधित दृश्य सामने आने का दावा किया गया है।

कटान प्रभावित क्षेत्र में खनन से बढ़ी चिंता

नगवा समेत धानापुर क्षेत्र के कई गंगा तटीय गांव पहले से ही कटान की समस्या से प्रभावित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गंगा की धारा के कटाव से किसानों की उपजाऊ जमीन लगातार नदी में समा रही है। ऐसे में नदी के किनारे बड़े पैमाने पर मशीनों से बालू निकालने की गतिविधि से कटान और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा तट की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उनका आरोप है कि यदि इस तरह खनन जारी रहा तो इसका असर तटवर्ती जमीन और खेती पर पड़ सकता है।

लाखों के राजस्व नुकसान का दावा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बड़े पैमाने पर बालू निकाले जाने से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में खनन को लेकर न्यायालय और एनजीटी की रोक के बावजूद गतिविधियां जारी हैं। इन दावों की प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कुछ ग्रामीणों ने खनन गतिविधि के पीछे कुछ जनप्रतिनिधियों के इशारे की भी आशंका जताई है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की जा रही है।

एसडीएम ने कही छापेमारी की बात

मामला सामने आने के बाद सकलडीहा एसडीएम आकांक्षा सिंह ने कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिली है और जल्द ही छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौके पर किस उद्देश्य से मिट्टी या बालू की खुदाई और ढुलाई की जा रही थी तथा इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

पुलिस ने बताया कथा के लिए मिट्टी की व्यवस्था

वहीं धानापुर थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश मिश्रा ने खनन के आरोपों से अलग जानकारी दी। उनका कहना है कि राजन महाराज की कथा के लिए दशमी पोखरा के पास मिट्टी गिराई जा रही है और इसका कोई व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा रहा है।

अब प्रशासनिक जांच और मौके की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि नगवा गंगा तट पर चल रही गतिविधि वास्तव में अवैध बालू खनन है या किसी अन्य कार्य के लिए मिट्टी की व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत और वायरल वीडियो को देखते हुए पूरे मामले की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।