पिता का साया उठा, हौसला नहीं टूटा; अंकित बने तकनीकी सहायक

सीमित संसाधनों के बीच लक्ष्य पर टिके रहे कदम, देवकली ब्लॉक में संभाली नई जिम्मेदारी
चहनियां, चंदौली। परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहे तो सफलता की राह निकाली जा सकती है। रईया गांव निवासी अंकित कुमार मौर्य ने इसे अपनी उपलब्धि से साबित किया है। पिता स्वर्गीय रामकमल मौर्य के निधन के बाद सामने आई चुनौतियों और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने पढ़ाई और तैयारी जारी रखी। मेहनत के बल पर तकनीकी सहायक पद पर चयनित हुए और अब गाजीपुर जिले के देवकली ब्लॉक में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
फोटो: पूर्व मंत्री आर पी कुशवाहा और अर्जुन प्रसाद आर्य अंकित मौर्य को स्मृति चिन्ह भेंट कर अंगवस्त्र और माला पहनाकर गौरवान्वित करते हुए
अंकित के पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में मंगलवार को उनके पैतृक गांव रईया में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने उनकी सफलता को साझा उपलब्धि बताते हुए सम्मानित किया। समारोह में वक्ताओं ने विशेष रूप से उनके संघर्ष, धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री आरपी कुशवाहा ने अंकित को सम्मानित करते हुए कहा कि पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद जीवन में कई तरह की कठिनाइयां सामने आती हैं। इसके बावजूद अंकित ने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने लगातार मेहनत की और अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में स्थान बनाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए अंकित की सफलता इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बताती है कि सीमित साधनों के बावजूद निरंतर प्रयास से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में चयन केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की शुरुआत है। तकनीकी सहायक के रूप में अंकित को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंकित अपने कार्य से परिवार और क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ाएंगे।
विशिष्ट अतिथि अर्जुन प्रसाद आर्य ने कहा कि गांव की पृष्ठभूमि से निकलकर सरकारी सेवा हासिल करना युवाओं के लिए प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और धैर्य छिपा होता है, जिसे केवल अंतिम परिणाम देखकर नहीं आंका जा सकता। अंकित ने जिस तरह कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी तैयारी जारी रखी, वह अन्य युवाओं को भी अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने का संदेश देता है।
बताया गया कि अंकित कुमार मौर्य, पुत्र स्वर्गीय रामकमल मौर्य, रईया गांव, ब्लॉक चहनियां के निवासी हैं। चयन के बाद उन्हें गाजीपुर जिले के देवकली ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद पर नियुक्ति मिली। उन्होंने वहां पदभार ग्रहण कर कार्य शुरू कर दिया है। उनकी नियुक्ति से परिवार के साथ गांव में भी खुशी का माहौल है।
सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि किसी सरकारी पद तक पहुंचना उपलब्धि जरूर है, लेकिन उस जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाना उससे बड़ी कसौटी है। ग्रामीण युवाओं को चाहिए कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर गंभीरता से तैयारी करें और असफलताओं से विचलित न हों।
अंकित कुमार मौर्य ने सम्मान के लिए अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवार, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों से मिले सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
समारोह के अंत में अतिथियों ने अंकित को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में अंकित के चाचा सेवानिवृत अध्यापक एवं लोकप्रिय समाजसेवी श्री रामलाल मौर्य जी ने आए हुए अतिथियों पत्रकार एवं संभ्रांत नागरिकों का माल्यार्पण कर अंगवस्त्र से सम्मानित कर अल्पाहार कराकर विदा किया।