मा0 उच्च न्यायालय प्रयागराज के सशर्त जमानत के शर्तों का उलंघन करने पर हुई कार्यवाई
वाराणसी। शहर का नामचीन जालसाज गिरिजा शंकर जायसवाल कि पूर्व में मिली सशर्त ज़मानत के शर्तों का उल्लंघन तथा उच्च न्यायालय प्रयागराज के दिशा निर्देशों का उलंघन कर ज़मानत पर बाहर आने के बाद पुनः लगातार अपराध कारित करने पर विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी) एक्ट, अनिल कुमार पंचम की अदालत ने ज़मानत निरस्त कर दी.
गिरिजा शंकर जायसवाल द्वारा पीड़िता को लगातार डराया धमकाया जा रहा था तथा सोशल मीडिया पर भी अभद्र टिप्पणियां की जा रही थी, तथा मुक़दमे को उठा लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था.जिसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाते हुए गिरिजा शंकर जायसवाल को मिली ज़मानत के निरस्तीकरण के लिए प्रार्थना पत्र सत्र न्यायालय वाराणसी में दिया था.
वादिनी का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रवीन्द्र नाथ सिंह यादव तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने रखते हुए दी गई ज़मानत को निरस्त करने की अपील की. उनके द्वारा न्यायालय के संज्ञान में अभियुक्त का एक लंबा चौड़ा अपराधिक इतिहास तथा अपराधों की पुनरावृत्ति जैसे तथ्य को प्रकाश में लाया गया. पीड़िता तथा उसके परिवार को मिल रही धमकियां और भावी जान-माल का खतरे की आशंका जतायी गयी. ऐसी स्थिति में पीड़िता द्वारा दी गई ज़मानत निरस्तीकरण याचिका स्वीकार करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त को मिली ज़मानत निरस्त कर दी गई.