डॉ.अंबेडकर का अपमान बर्दास्त नहीं, गृह मंत्री देश की जनता से माफी मांगे- रामकिशुन यादव

चन्दौली। बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर का अपमान करने वाले भारत के संविधान और लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं. आजादी की लड़ाई में लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान कर रहे हैं. भारत की आजादी मिलने के बाद भारतीय संविधान को बनाने वाले मनिषियो ने यह कभी नहीं सोचा था कि देश की सत्ता में बैठे हुए गृह मंत्री अमित शाह जैसे लोग अंबेडकर जी का अपमान करेंगे.उक्त बातें पूर्व सांसद रामकिशुन ने कही.
उन्होंने कहा कि अंबेडकर जी ने संविधान के माध्यम से दलित पिछड़े, वंचितों, महिलाओं व समाज के सभी वर्गों को समता मूलक लोकतांत्रिक अधिकार देने के लिए संविधान में प्रावधान किया था. केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में जो अधिकार और कर्तव्य आपको मिला है, वह भारतीय संविधान के अंतर्गत बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा दिया गया है. जो अपने पद की गरिमा का भी सम्मान नहीं कर पा रहे. लेकिन अंबेडकर का अपमान करना संविधान विरोधी है. नैतिकता के नाते आपको इस्तीफा दे देना चाहिए.
लोकसभा में अंबेडकर जी का नाम ले रहे थे वह संसद की गरिमा के खिलाफ है. वहीं राजनीतिक जन संगठन संगठनों की आपात बैठक जीटी रोड स्थित रिक्शा स्टैंड पर हुई. बैठक में वक्ताओं ने राज्यसभा में देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डॉक्टर अंबेडकर का अपमान किए जाने की हम निंदा करते हैं. उन्हें देश की जनता से माफी मांगना चाहिए. वक्ताओं ने इस बयान को निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा की एक संवैधानिक पद पर बैठा हुआ व्यक्ति संविधान निर्माता पर विस्तृत टिप्पणी करता है. उसको पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.
बैठक में हरबंस सिंह, महेंद्र यादव एडवोकेट, शमीम मिल्की, इंद्रजीत शर्मा, तिलकधारी सिंह, घनश्याम प्रधान, क्यामुद्दीन अंसारी, मेवा लाल गुप्ता, वंशलोचन सिंह, दाताराम बिन्द ,सुरेंद्र चौरसिया, अंजू चौहान, प्रोफेसर शिवराम बिजेंद्र कुमार उपस्थित रहे।