मुख्यमंत्री योगी के बुल्डोजर न्याय को सुप्रीम कोर्ट ने बताया गैर कानूनी- माले

6e68c23c7727
कहा,पच्चीस लाख का लगाया जुर्माना, अधिकारियों के खिलाफ़ दिया जांच के निर्देश

लखनऊ, 6 नवंबर। भाकपा (माले) ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुल्डोजर न्याय को सुप्रीम कोर्ट ने कानून का आईना दिखाया है.



सड़क चौड़ीकरण के नाम पर महाराजगंज जिले में बुल्डोजर चलाकर घर को ध्वस्त कर देने को अराजक व गैरकानूनी कार्रवाई मानते हुए सरकार पर 25 लाख रुपये का न सिर्फ जुर्माना लगाया और इसे भवनस्वामी को देने के लिए कहा, बल्कि मनमानी कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक महीने के भीतर जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं.

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के बाद योगी के विध्वंसकारी बुल्डोजर का पहिया थमना चाहिए। क्योंकि प्रदेश में बुल्डोजर सिर्फ घरों पर ही नहीं, संविधान और लोकतंत्र पर भी चल रहा है। 

बहराइच में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 23 घरों पर बुल्डोजर चलाने की सरकार की योजना है. सरकार नफरत की राजनीति कर रही है। बहराइच हिंसा की आड़ में समुदाय विशेष को निशाना बनाया जा रहा है.

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इस पर आज टिप्पणी की और चुनिंदा रुप से कार्रवाई करने को मना किया। बहराइच मामले पर हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने कई सवाल कर सरकार की घेरेबंदी की.

माले नेता ने कहा कि न सिर्फ बहराइच में 23 घरों के ध्वस्तीकरण पर स्थायी विराम लगना चाहिए, बल्कि लखनऊ के अकबरनगर में बुल्डोजर कार्रवाई के प्रभावितों को भी मुआवजा मिलना चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *