“न मुद्दई ना मुद्दा, फिर भी जेल के हवाले”

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प्रेमिका से मिलने आया लड़का, सकलडीहा पुलिस ने अश्लीलता का केस ठोक भेजा जेल 

सटीक संवाद, 07 अप्रैल 2026। “न मुद्दई ना मुद्दा, फिर भी जेल के हवाले”—यह पुरानी कहावत चंदौली के सकलडीहा कोतवाली की ताजा कार्रवाई ने एकदम चरितार्थ कर दी। प्रेमिका से मिलने आया एक युवक बिना किसी शिकायत के पुलिस के चंगुल में फंस गया। न प्रेमिका ने चिल्लाई, न परिवार ने शोर मचाया, फिर भी उसे ‘अश्लीलता फैलाने’ का ठप्पा लगाकर जेल की हवा खिलाई गई। क्या यह प्रेम के दुश्मन पुलिस की नई चाल है?





घटना का ड्रामा: रात 12 बजे घरचित से फसाया 
सोमवार रात करीब 12 बजे घरचित नहर के पास गश्त पर निकली सकलडीहा कोतवाली पुलिस ने बलुआ थाने के सुरतापुर गांव निवासी रामजनम राम के 26 वर्षीय बेटे अमित कुमार को हिरासत में ले लिया। अमित घरचित नहर स्थित एक अस्पताल में नौकरी करने वाली अपनी प्रेमिका से मिलने आया था। सकलडीहा कस्बे के एसबीआई एटीएम के पास उसे ‘अश्लीलता’ का आरोप लगाया गया। लेकिन सवाल यह—कहां शिकायत? न प्रेमिका ने कुछ कहा, न उसके परिवार ने। अमित के परिजन चिल्ला रहे हैं, “यह गैरकानूनी मनमानी है। हमारा बेटा साफ-सुथरा है, सिर्फ सहेली से मिला था। कोई क्राइम हिस्ट्री ही नहीं।”


पुलिस का बचाव: “शांति के लिए जरूरी”
कोतवाली प्रभारी फोन पर बातचीत में कहा, “हमने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए कार्रवाई की। कानूनी तरीके से मुचलके पर छोड़ दिया।” लेकिन पुलिस अपने ही बिछाई जाल में फंसती देख बचने के लिए बाद में उसी युवक को सकलडीहा कस्बा के एसबीआई एटीएम के पास अश्लीलता फैलाने का आरोप दिखाया है। अब परिजन एसपी चंदौली से मिलने की तैयारी में हैं। प्रेमिका या उसके परिवार से अब तक कोई बयान नहीं आया, जो रहस्य को और गहरा बनाता है।

युवाओं में उबाल: प्रेम पर पहरा या पावर प्ले?
स्थानीय युवा आक्रोशित हैं। “प्यार करने का जुर्म?”—सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। क्या यह प्रेम संबंधों पर अंकुश लगाने की नई रणनीति है, या पुलिस वर्दी की मनमानी या सिर्फ कानूनी दिखावा? उच्चाधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार। फिलहाल, अमित का केस पुलिस की ‘शांति’ की असल कीमत बता रहा है।

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