राशन कार्ड के नाम पर खेल,गरीबों का गुजारा नहीं, शासन का आदेश ठेंगा पर

चंदौली,सकलडीहा। तहसील स्थित आपूर्ति कार्यालय पर राशन कार्ड बनाने के नाम पर भारी खेल चल रहा है. यहां गरीबों का गुजारा बिल्कुल नहीं है. सुविधा शुल्क लेकर राशन कार्ड बनाया जा रहा है. वहीं जरूरतमंद को विभिन्न दस्तावेज के लिए परेशान किया जा रहा है. ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों की मनमानी का जांच कराने की मांग किया है.
ओरवा ग्राम पंचायत के काधी गांव निवासी भैयालाल राजभर ने आरोप लगाते हुए कहा कि राशन कार्ड बनवाने के लिए 7 माह से आपूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहे है. लेकिन पूर्ति निरीक्षक पोर्टल न खुलने की बात कह कर वापस कर दे रहे है. जबकि एक सप्ताह के भीतर अमिलाई ग्राम पंचायत में तीन राशन कार्ड बनाये गये है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अन्य गावों में राशन कार्ड बनाया जा रहा है. जबकि ओरवा सहित कई गांव के लोग राशन कार्ड का सभी साक्ष्य और ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी चक्कर लगाने के लिये मजबूर है. भैयालाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरकार अमिलाई गांव के लोगो का कार्ड कैसे बन गया? कहा कि यह सारा खेल सुविधा शुल्क का है. यहां 500 से 1000 रुपये लेकर राशन कार्ड बनाया जा रहा है.
जबकि जरूरतमंद और गरीबो को सुविधाओ से वंचित किया जा रहा है. इससे शासन के जरूरतमंदों को लाभान्वित करने के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. भैयालाल ने पूर्ति निरीक्षक के क्रियाकलापो की जांच की मांग उठाई है. इस संबंध में एसडीएम अनुपम मिश्रा का कहना है कि अगर ऐसा है तो यह गंभीर विषय है. मामले की जांच कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी.