चंदौली में गंगा नदी उफान पर बाढ़ का खतरा, तटवर्ती इलाकों में दहशत

440767625450
दाह संस्कार स्थल और विश्राम स्थल डूबा,
शव जलाने में जान मॉल का खतरा

चंदौली,चहनियां। गंगा का जलस्तर एक बार फिर उफान पर हो गया है । जिससे तटवर्ती इलाकों में दहशत ब्याप्त हो गई है। दो दिन में करीब 50 फीट ऊंचा जलस्तर बढ़ गया है। नदी के किनारे बोए गए सब्जी, फसल और पशुओं के चारे के खेत पानी से डूब गए हैं।


फोटो : पीपल के पेड़ तक पहुंचा गंगा का पानी 

कुछ दिनों तक गंगा का जलस्तर थमने व घटने के बाद थोड़ बहुत उतार चढ़ाव होता रहा । शनिवार की रात में जलस्तर एकाएक बढ़कर उफान पर हो गया है। रात में जलस्तर करीब पचास फीट खड़ा पानी बढ़ा है । पानी बढ़कर कर दोनो महिला चेंजिंग रूम सहित विश्राम स्थल से पार करते हुए पीपल के पेड़ तक पहुंच गया है।

फोटो : यात्री विश्राम स्थल को पार किया गंगा का पानी 

अभी भी पानी की स्पीड तेज गति से है । रात भर में एकाएक पानी बढ़ने से तटवर्ती गाँव कांवर, महुआरी, बिसुपुर, सराय, बलुआ, डेरवा, महुअर, हरधन जुड़ा, विजयी के पूरा, गणेश पूरा, टाण्डा ,बड़गांवा, तीरगांवा, हसनपुर ,नादी निधौरा आदि गांवो के ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है ।

पानी में डूब गए सब्जी, फसल और पशुओं के चारे के खेत

दरअसल चंदौली जनपद के पड़ाव इलाके से लेकर गाजीपुर के जमानिया बॉर्डर तक गंगा नदी के किनारे रहने वाले लोग भारी मात्रा में हरी सब्जियों की खेती करते हैं. गंगा के बढ़े हुए जलस्तर ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के खास कर चंदौली में किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है. गंगा नदीं में बढ़े हुए जलस्तर के कारण नदी के कछार में किसानों द्वारा सैंकड़ों एकड़ में उगाई गई सब्जियां,फसल और पशु चारा के खेत पानी में डूब गए हैं. इसके कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.चंदौली में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी के तटवर्ती इलाकों के खेतों में पानी चला गया है, इसके कारण किनारों में खेती करने वाले किसानों की परेशानी बढ़ गई है.

#Chandauli news # Satik Samvad 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *